दो दोस्त कहानियां

एक बार दो दोस्त घूमते हुए एक महल के पास पहुँच गए तो, 
पहले दोस्त ने उस शानदार महल को देखकर कहा की जब इनमें रहने वालों की किस्मत लिखी जा रही थी तब हम कहाँ थे??
दूसरा दोस्त पहल वाले का हाथ पकड़ कर अस्पताल ले गया और मरीजो को दिखाते हुए कहा कि जब इनकी किस्मत लिखी जा रही थी तब हम कहाँ थे??
मित्रों भगवान ने हमें जो भी दिया उसमें हमेशा खुश रहिये।
किसी संत ने क्या खूब कहा है कि तुम अपने पुराने जूतों को देखकर क्यों परेशान होते हो दुनिया में तो कई लोग ऐसे भी हैं जिनके तो पैर ही नहीं हैं
उस मालिक का हर हाल में शुक्र करना सीखें। आज भी तेरा शुक्राना, कल भी तेरा शुक्राना, हर पल तेरा शुक्राना।
शुक्राना तेरा शुक्राना तेरा शुक्राना तेरा